रांची: जमशेदपुर के आदित्यपुर में हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
भाजपा का आरोप है कि जमशेदपुर के आदित्यपुर क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अपराधियों ने हिमांशु सिंह की हत्या कर दी। पार्टी का कहना है कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच राज्य पुलिस के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
ज्ञापन में क्या कहा गया?
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में भाजपा ने कहा कि 27 जून 2026 को आदित्यपुर क्षेत्र में करणी सेना से जुड़े हिमांशु सिंह की हत्या कर दी गई। पार्टी का आरोप है कि घटना के समय पुलिस मौके पर मौजूद थी और हमलावर कथित रूप से हिमांशु सिंह को पीसीआर वाहन से बाहर खींचकर ले गए तथा उन पर हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई। भाजपा ने इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कानून-व्यवस्था पर भाजपा का हमला
ज्ञापन सौंपने के बाद आदित्य साहू और बाबूलाल मरांडी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून और पुलिस का भय समाप्त होता जा रहा है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। दोनों नेताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।
CBI जांच की मांग क्यों?
भाजपा का कहना है कि मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि केंद्रीय एजेंसी की जांच से पीड़ित परिवार और आम जनता का विश्वास मजबूत होगा तथा घटना से जुड़े सभी तथ्यों का निष्पक्ष खुलासा हो सकेगा।
हालांकि, इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से CBI जांच को लेकर अब तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता रहे शामिल
राज्यपाल से मिलने वाले भाजपा प्रतिनिधिमंडल में आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराने की मांग की।
हत्या के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
हिमांशु सिंह की हत्या के बाद जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में लोगों में नाराजगी देखी गई। इस घटना को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। भाजपा का कहना है कि ऐसी घटनाएं आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं और सरकार को अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
भाजपा ने घटना के दौरान पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि यदि पुलिस की मौजूदगी में अपराधी वारदात को अंजाम देने में सफल हुए, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। भाजपा ने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि आखिर किन परिस्थितियों में अपराधियों को घटना को अंजाम देने का अवसर मिला।
फिलहाल, भाजपा की ओर से CBI जांच की मांग राज्यपाल के समक्ष रखी जा चुकी है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाती है तो मामले की जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। वहीं, राज्य पुलिस की जांच और उसकी प्रगति पर भी लगातार नजर बनी हुई है।


